मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 के तीसरे दिन संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि देश में फिनटेक क्रांति, कनेक्टिविटी क्रांति से अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम क्रिप्टोग्राफी और टोकनाइजेशन के उभरने से वित्तीय क्षेत्र का स्वरूप बदल रहा है। हालांकि, डिजिटल वित्त के व्यापक विस्तार के लिए बेहतर कनेक्टिविटी और भरोसा जरूरी है।
इससे पहले आज भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा और सेबी के अध्यक्ष तुहिन कांत पांडे ने बैंकिंग और वित्तीय बाजारों में एजेंटिक एआई, टोकनाइजेशन और क्वांटम तकनीक के जिम्मेदारी से इस्तेमाल पर जोर दिया।
पूर्व यूआईडीएआई अध्यक्ष नंदन नीलेकणि और भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष सी. एस. शेट्टी ने भी विभिन्न सत्रों को संबोधित किया।
रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने फिनटेक कंपनियों से कहा है कि वे ग्राहकों के डेटा को कारोबारी संपत्ति के बजाय अपनी जिम्मेदारी मानें। मुंबई में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट में श्री मल्होत्रा ने कहा कि डाटा स्पष्ट उद्देश्य के लिए ही एकत्र किया जाना चाहिए और दी गई सहमति के दायरे में ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। डाटा की सुरक्षा उसी तरह की जानी चाहिए, जैसे कोई न्यासी अपने पास रखी संपत्ति की करता है।
उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर पहुंच बनाने वाली फिनटेक कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे डाटा की सुरक्षा के साथ-साथ परिचालन क्षमता, कारोबार की निरंतरता और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित करें। श्री मल्होत्रा ने कहा कि भारत में वित्तीय सेवाओं के विस्तार से वित्तीय समावेशन को काफी बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा फिनटेक तंत्र है।