सितम्बर 10, 2026 9:08 अपराह्न

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केंद्र सरकार ने मूल्य पारदर्शिता, प्रायोजित लिस्टिंग और खोज परिणामों में हेरफेर पर नियमों को सख्त करने के लिए ई-कॉमर्स नियमों में संशोधन किया

सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम 2020 में संशोधन किया है। इसका उद्देश्य कीमतों में पारदर्शिता, प्रायोजित उत्पादों की सूची, सर्च रिजल्ट में हेरफेर और डार्क पैटर्न से जुड़े नियमों को सख्त करना है।    संशोधित नियमों के अंतर्गत किसी उत्पाद की कीमत कम करने पर ई-कॉमर्स कंपनियों को घटी हुई कीमत के साथ उसकी पिछली कीमत भी बतानी होगी। पिछली कीमत से आशय छूट की घोषणा से पहले के 30 दिनों में उत्पाद की सबसे कम कीमत से है। कंपनियां ऐसे तरीके से सर्च रिजल्ट में बदलाव नहीं कर सकेंगी। नए नियमों से ई-कॉमर्स क्षेत्र में अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और उपभोक्ता-केंद्रित व्यवस्था सुनिश्चित होगी। ये नियम अगले वर्ष एक जनवरी से लागू होंगे।

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने कहा है कि संशोधित नियम डिजिटल मार्केटप्लेस से जुड़ी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को कम कर व्यापार सुगमता को मजबूत करेंगे। प्रत्येक ई-कॉमर्स कंपनी को राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की शिकायत निवारण व्यवस्था से जुड़ना होगा। शिकायतकर्ता को कंपनी के शिकायत अधिकारी द्वारा दर्ज की गई शिकायत की एक प्रति भी देनी होगी। इसके अलावा आयातित वस्तुओं के मामले में आयातक का विवरण और मूल देश की जानकारी देना अनिवार्य होगा।