जर्मनी के ब्रेमेन में बलूच नेशनल मूवमेंट ने बलूचिस्तान में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने पाकिस्तान के अधिकारियों पर बलूच लोगों के खिलाफ अत्याचार करने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बलूचिस्तान के लोगों को बड़े स्तर पर सामूहिक दंड का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बलूच एकजुटता समिति के नेताओं डॉक्टर माहरंग बलूच, सिबगतुल्लाह, बीबो, गुलज़ादी, बिबगर बलूच और सैयदा बीबी शरीफ की गिरफ्तारी का जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि मानवाधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाने के कारण इन कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए और न्यायिक प्रक्रिया में अनियमितताएं हुईं।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जबरन गायब किए जाने और हिरासत में मौत की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने पाकिस्तानी अधिकारियों पर लोगों के घरों को गिराने और उन्हें विस्थापित करने का भी आरोप लगाया।
बलूच नेशनल मूवमेंट ने दावा किया कि बलूचिस्तान के ग्वादर जिले के पनवान गांव और आसपास के क्षेत्रों में पिछले दो दिनों से छापेमारी की जा रही है। संगठन ने आरोप लगाया कि कई घरों को ध्वस्त किया गया और साठ से अधिक लोगों को कथित रूप से जबरन गायब किया गया।
संगठन ने यह भी दावा किया कि जबरन गायब किए गए पांच लोगों की हिरासत में मृत्यु हुई और बाद में उनके शव बरामद हुए।
बलूच नेशनल मूवमेंट ने पड़ोसी देशों, अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से बलूचिस्तान की बिगड़ती स्थिति पर ध्यान देने और वहां लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए कदम उठाने की अपील की।