ईरान के कानून और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने आज घोषणा की कि ईरान ने हाल ही में अमरीका के साथ हस्ताक्षरित इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को निलंबित कर दिया है और अमरीका पर समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।
ईरानी मीडिया के अनुसार ग़रीबाबादी ने कहा कि दोनों पक्ष बातचीत में लगे हुए थे, लेकिन अमरीका ने कथित तौर पर आक्रामक कार्रवाई करके समझौता ज्ञापन के तहत अपने दायित्वों का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि अमरीका ने व्यावहारिक रूप से अपनी सभी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया है और उन्हें निलंबित कर दिया है। वहीं, ईरान ने भी इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत अपने दायित्वों को निलंबित करके जवाब दिया है।
यह घोषणा होर्मुज जलडमरूमध्य पर संघर्ष बढ़ने के कारण अमरीका और ईरान ने आज ताजा हमलों को अंजाम दिए जाने के बीच हुई है। कुवैत में हमलों से भारी तबाही होने की खबर है। वहां ईरान ने वॉटर डिसेलिनेशन संयत्र और एक तेल सुविधा केंद्र पर हमले किए। इन हमलों में कई लोग घायल हुए है और बिजली उत्पत्ति बाधित हुई है। पिछले दो दिनों में डिसेलिनेशन संयत्र पर यह दूसरा हमला था। पेयजल के लगभग 90 प्रतिशत हिस्से का डिसेलिनेशन के जरिए आने के कारण देश में चिंताएं बढ़ गई हैं।
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने ईरानी हमलों में महत्वपूर्ण नागरिक अवसंरचना को निशाना बनाए जाने की कड़ी निंदा की है। मंत्रालय ने ईरान पर अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। अमरीकी सेंट्रल कमान ने कहा कि आज सुबह अमरीका के ताजा हमलों में ईरान के निगरानी स्थलों, सैन्य लॉजिस्टिक अवसंरचना, भू-गर्भीय हथियार भंडारण और समुद्री क्षमताओं को निशाना बनाया गया। ईरान के अधिकारियों ने कहा कि पिछले तीन सप्ताह में अमरीका के हमलों में लगभग 50 लोग मारे गए हैं और पांच सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में कल एक पुल पर हुए हमले में मारे गए आठ लोग भी शामिल हैं। अंतरिम संघर्ष विराम टूटने के बाद संघर्ष का केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है।