संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा है कि अंतरिक्ष तकनीक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने और भारत को 45 अरब डॉलर की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आज अहमदाबाद में तीसरे राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र के सुधारों से स्टार्टअप और उद्योग जगत के लिए अवसर बढ़े हैं।
श्री शेखावत ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा को केवल प्रक्षेपित उपग्रहों की संख्या के नज़रिए से नहीं देखा जाना चाहिए। बल्कि, यह भी देखा जाना चाहिए कि इससे लोगों के जीवन में कितना बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष तकनीक से किसानों, मछुआरों और आम नागरिकों को लाभ मिल रहा है।
श्री शेखावत ने कहा कि देश बड़े तकनीकी बदलाव के दौर से गुजर रहा है और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन रही है। इसका उपयोग ऐतिहासिक धरोहरों और स्मारकों के संरक्षण के लिए भी किया जा सकता है। भारत को वैश्विक तकनीकी शक्ति बनाने के लिए अगले दशक में राष्ट्रीय क्षमताओं और व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा को बढ़ाना जरूरी होगा।
श्री शेखावत ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा में डॉ. विक्रम साराभाई के महत्वपूर्ण योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम में, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन और अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र के निदेशक वी. एन. राव भी उपस्थित थे।