सितम्बर 1, 2026 9:01 अपराह्न

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26वें एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की 26वीं बैठक में भाग लिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिज गणराज्य की राजधानी बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन – एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की 26वीं बैठक में भाग लिया। शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने सभी सदस्य देशों से आतंकवाद के वित्तपोषण, भर्ती, कट्टरपंथ और उनके सुरक्षित ठिकानों के पूरे तंत्र को ध्वस्त करने का आह्वान किया। उन्होंने स्‍पष्‍ट किया कि आतंकवाद से निपटने में दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती।

श्री मोदी ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे संघर्षों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने जोर देकर कहा कि युद्ध और संघर्ष किसी भी समस्या का समाधान नहीं हैं, और सभी विवादों को केवल बातचीत तथा कूटनीति के माध्यम से ही सुलझाना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत उन सभी प्रयासों का समर्थन करता है जो बाजारों को जोड़ते हैं, व्यापार को बढ़ावा देते हैं और विकास के नए रास्ते खोलते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे प्रयासों में सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। श्री मोदी ने कहा कि भारत ने पिछले साल शंघाई सहयोग संगठन सभ्यता संवाद मंच का प्रस्ताव रखा था। उन्होंने प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त की कि इसका पहला सत्र इस वर्ष भारत में आयोजित किया जाएगा।एससीओ के बिश्केक घोषणापत्र में भारत की प्राथमिकताओं को प्रमुखता से शामिल किया गया है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी सफल किर्गिस्तान यात्रा पूरी करने के बाद आज दोपहर नई दिल्ली के लिए रवाना हुए। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री मोदी ने कहा कि एससीओ शिखर सम्मेलन से अलग हुई विभिन्न बैठकें भी भारत के लिए लाभकारी सिद्ध होंगी। इसके साथ ही, उन्होंने अगले 25 वर्षों के लिए एससीओ की योजनाओं और भविष्य के रोडमैप को भी साझा किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री की यह यात्रा बेहद सार्थक और ठोस परिणामों वाली रही है, जिससे इस क्षेत्र के साथ भारत के संबंध और मजबूत होंगे।