प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि प्रौद्योगिकी को समावेशी और सतत विकास का साधन बनना चाहिए। प्रधानमंत्री ने भारत मोबाइल कांग्रेस से पहले, कल सेवा तीर्थ में ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस एसोसिएशन – जीएसएमए के बोर्ड सदस्यों के साथ बातचीत की। भारत मोबाइल कांग्रेस 7 से 10 अक्तूबर तक नई दिल्ली में आयोजित की जाएगी। श्री मोदी ने कहा कि समाज के किसी भी वर्ग को पीछे न छूटने देने के लिए प्रौद्योगिकी का लोकतंत्रीकरण आवश्यक है।
उन्होंने प्रौद्योगिकी और डिजिटल सेवाओं को किफायती और सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। श्री मोदी ने अल्पविकसित और विकासशील देशों और बढ़ते डिजिटल विभाजन को रोकने के लिए प्रौद्योगिकी को अंतिम छोर तक पहुंचाने पर भी जोर दिया। प्रधानमंत्री ने विकासशील देशों के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना की क्षमता को एक परिवर्तनकारी शक्ति बताया। उन्होंने कहा कि कई विश्व नेताओं के साथ इस अवसंरचना पर हुई चर्चाओं ने इसकी बढ़ती वैश्विक प्रासंगिकता को प्रदर्शित किया है। श्री मोदी ने कहा कि ऐसे मंच अल्पविकसित और विकासशील देशों के लिए एक लॉन्चपैड के रूप में कार्य कर सकते हैं।
डिजिटल और साइबर धोखाधड़ी की बढ़ती चुनौती पर प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समस्या के लिए प्रौद्योगिकी-आधारित समाधानों की आवश्यकता है। उन्होंने उपयोगकर्ताओं को संभावित धोखाधड़ी वाले कॉलों के बारे में आगाह करने के लिए निरंतर जागरूकता संदेशों का सुझाव दिया। प्रधानमंत्री ने उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए वैश्विक मानकों और सामान्य नियमों की आवश्यकता पर भी बल दिया। डीप-फेक और एआई से बनी सामग्री के बढ़ते खतरे पर, श्री मोदी ने उपयोगकर्ताओं को इसके स्रोत की तुरंत पहचान करने में सक्षम बनाने के लिए तंत्रों की खोज का सुझाव दिया।
जीएसएमए एक वैश्विक संगठन है जो मोबाइल पारिस्थितिकी तंत्र को एकीकृत करता है, और मोबाइल ऑपरेटरों तथा मोबाइल पारिस्थितिकी तंत्र और संबंधित उद्योगों में संगठनों का प्रतिनिधित्व करता है। जीएसएमए बोर्ड के सदस्यों ने डिजिटल और मोबाइल कनेक्टिविटी में वैश्विक नेता के रूप में भारत के उदय पर चर्चा की। उन्होंने 4-जी और 5-जी के शीघ्र विस्तार, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के पैमाने और दूरसंचार तथा मोबाइल विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास पर भी जोर दिया। बैठक में संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चंद्र शेखर, जीएसएमए बोर्ड के सदस्य और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।