कजाकिस्तान में आज संसदीय चुनाव हो रहे हैं। इन चुनावों से मध्य एशिया के सबसे बड़े देश में राष्ट्रपति कसीम-जोमार्ट टोकायेव की सत्ता और मजबूत होने की उम्मीद है।
नए संविधान के अंतर्गत देश की संसद को दो सदनों वाली व्यवस्था से बदलकर एकल सदन वाली व्यवस्था में कर दिया गया है।
कजाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले महीने कहा था कि नए संविधान के अंतर्गत वर्ष 2019 में पदभार संभालने वाले राष्ट्रपति टोकायेव सात साल के एक और कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ सकते हैं।
यह नई एकल-सदस्यीय संसद के लिए पहला चुनाव है, जिसे कुरिलताई के नाम से जाना जाता है। राष्ट्रपति समर्थक आदिलत पार्टी के भारी बहुमत से जीतने की उम्मीद है। कई विपक्षी दल भी चुनाव मैदान में हैं, हालांकि उन्हें राष्ट्रपति टोकायेव का समर्थक माना जाता है।