अगस्त 26, 2026 2:03 अपराह्न

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मौजूदा संघर्षों के मानवीय परिणामों को कम करना यूएनएससी की तत्काल प्राथमिकता होना चाहिए: भारत

भारत ने इस बात पर ज़ोर दिया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तत्काल प्राथमिकता मौजूदा संघर्षों के मानवीय परिणामों को कम करने के लिए कदम उठाना होना चाहिए। ‘जन संकट: वैश्विक और स्थानीय खाद्य संकटों को कम करने में सुरक्षा परिषद की भूमिका’ शीर्षक से सुरक्षा परिषद की खुली बहस को संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने सुरक्षित, त्वरित और निर्बाध मानवीय सहायता पहुंच के साथ प्रभावी संघर्ष-निवारण व्यवस्थाओं के समर्थन का आह्वान किया। उन्होंने सुरक्षा परिषद से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि प्रतिबंध सहित उसके उपाय अनजाने में मानवीय सहायता या वैध खाद्य और कृषि व्यापार में बाधा न डालें। श्री हरीश ने कहा कि ऊर्जा बाज़ारों, उर्वरक आपूर्ति, समुद्री परिवहन, मानवीय लॉजिस्टिक्‍स और कृषि व्यापार में व्यवधान ने यह प्रदर्शित किया है कि क्षेत्रीय संघर्ष विश्व भर में खाद्य सुरक्षा को खतरे में डाल सकते हैं। भारतीय दूत ने कहा कि लचीले और खाद्य सुरक्षित समाजों का निर्माण संयुक्‍त राष्‍ट्र विकास प्रणाली और रोम आधारित एजेंसियों द्वारा समर्थित, सुरक्षा परिषद के बजाय राष्‍ट्रीय सरकारों की मुख्‍य जिम्‍मेदारी है।