परिवार कल्याण मंत्रालय ने अनुसूची एच, एच1 और एक्स की औषधियों पर नियामक निगरानी को मजबूत करने के लिए औषधि नियम, 1945 में संशोधन प्रस्तावित किए हैं। इन औषधियों को खरीदने के लिए ग्राहकों को वैध पर्चे की आवश्यकता होती है। प्रस्तावित संशोधन इन औषधियों की अनधिकृत पहुंच और बिक्री से संबंधित खामियों को दूर करने का प्रयास किया गया है।
एक अतिरिक्त नियामक सुरक्षा उपाय के रूप में चिकित्सा दुकानों पर अनिवार्य सीसीटीवी निगरानी की सिफारिश की गई है। प्रस्तावित सीसीटीवी निगरानी तंत्र से दवा आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी, जिससे जन स्वास्थ्य की सुरक्षा मजबूत होगी। मंत्रालय ने हितधारकों और आम जनता से प्रस्तावित संशोधन पर 30 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए हैं।