जम्मू-कश्मीर को मिशन कर्मयोगी के तहत योगदान के लिए उत्तर भारत के शीर्ष तीन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल किया गया है। मिशन कर्मयोगी, सिविल सेवा क्षमता निर्माण का राष्ट्रीय कार्यक्रम है। यह सम्मान लखनऊ में आयोजित साधना श्रृंखला की क्षेत्रीय कार्यशाला में दिया गया।
जम्मू-कश्मीर प्रबंधन, लोक प्रशासन और ग्रामीण विकास संस्थान की महानिदेशक रेहाना बटूल ने प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्राप्त किया। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने मिशन कर्मयोगी के तहत क्षमता निर्माण में योगदान के लिए उत्तर प्रदेश, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर को बधाई दी। उन्होंने नागरिक-केंद्रित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सिविल सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रयासों की भी सराहना की।
मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य निरंतर सीखने, कार्य-आधारित प्रशिक्षण और कौशल विकास के माध्यम से सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाना है।
यह सम्मान जम्मू-कश्मीर में सिविल सेवाओं की क्षमता बढ़ाने और उत्तरदायी, कुशल तथा नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।