विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से अलग अर्मेनिया, बारबाडोस और इराक के विदेश मंत्रियों के साथ वार्ता की। डॉ. जयशंकर ने पनामा के राष्ट्रपति जोसे राउल मुलिनो से भी मुलाकात की।
डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर अर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान, बारबाडोस के विदेश मंत्री क्रिस्टोफर पीटर सिंक्लेर और इराक के उप प्रधानमंत्री तथा विदेश मंत्री फुआद हुसैन के साथ हुई बातचीत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय घटनाक्रम और व्यापक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
इराक के उप प्रधानमंत्री तथा विदेश मंत्री फुआद हुसैन के साथ बैठक में पश्चिम एशिया के घटनाक्रम के साथ-साथ इराक के साथ भारत के आर्थिक और ऊर्जा सहयोग पर विशेष रूप से चर्चा हुई। डॉ. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा से जुड़े कार्यक्रमों के दौरान पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो से भी मुलाकात की।
इससे पहले आज डॉ. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से जुड़ी अपनी चौथे दिन की बैठकों की शुरुआत एंटीगा और बारबुडा के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन के साथ मुलाकात से की। उन्होंने ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड से भी बातचीत की। इसमें द्विपक्षीय संबंधों और संघर्षों के कारण उत्पन्न खाद्य तथा ऊर्जा संबंधी चिंताओं सहित वैश्विक चुनौतियों पर चर्चा हुई।
ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री सिरोजिद्दीन मुहरिद्दीन के साथ बैठक में क्षेत्रीय घटनाक्रम और दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सहयोग पर चर्चा हुई।
डॉ. जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ऑस्ट्रेलिया के सीनेटर पेनी वोंग, उरुग्वे के राष्ट्रपति यामांडू ओर्सी, मालदीव के विदेश मंत्री इरुथिशाम आदम, घाना के विदेश मंत्री सैमुअल ओकुडजेटो अबलाक्वाह, सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन और एस्टोनिया के विदेश मंत्री मार्गस त्साहक्ना से भी मुलाकात की है।