सितम्बर 25, 2026 6:16 अपराह्न

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विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से अलग अर्मेनिया, बारबाडोस और इराक के विदेश मंत्रियों के साथ वार्ता की

विदेश मंत्री सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से अलग अर्मेनिया, बारबाडोस और इराक के विदेश मंत्रियों के साथ वार्ता की। डॉ. जयशंकर ने पनामा के राष्ट्रपति जोसे राउल मुलिनो से भी मुलाकात की।     डॉ. जयशंकर ने सोशल मीडिया पर अर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान, बारबाडोस के विदेश मंत्री क्रिस्टोफर पीटर सिंक्लेर और इराक के उप प्रधानमंत्री तथा विदेश मंत्री फुआद हुसैन के साथ हुई बातचीत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्री...

अप्रैल 11, 2026 9:17 अपराह्न

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यूएई दौरे पर विदेश मंत्री डॉ जयशंकर, भारतीय समुदाय से की बातचीत

विदेश मंत्री डॉ सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने आज अपने संयुक्‍त अरब अमीरात दौरे की शुरूआत भारतीय समुदाय के सदस्‍यों से बातचीत के साथ की। उन्‍होंने पश्‍चिम एशिया संघर्ष के दौरान भारतीय समुदाय के लोगों के कल्‍याण और सुरक्षा के लिए किए गए सरकार के प्रयासों के बारे में जानकारी दी। डॉ० जयशंकर अपनी यात्रा के दौरान संयुक्‍त अरब अमीरात के शीर्ष नेतृत्‍व से मुलाकात करेंगे और दोनों देशों के बीच सहयोग की समीक्षा करेंगे।

जुलाई 17, 2024 1:55 अपराह्न

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विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम और पॉल बेरेन्जर से की मुलाकात

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने आज मॉरीशस के पूर्व प्रधानमंत्री नवीन रामगुलाम और पॉल बेरेन्जर से भेंट की। डॉक्‍टर रामगुलाम के साथ मुलाकात के दौरान डॉक्‍टर जयशंकर ने स्थायी द्विपक्षीय साझेदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की। श्री पॉल बेरेन्जर के साथ भेंट के बारे में विदेश मंत्री ने कहा कि उन्होंने समसामयिक वैश्विक मुद्दों पर सार्थक बातचीत की।

जून 23, 2024 12:48 अपराह्न

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आज ही के दिन 39 वर्ष पूर्व 1985 में हुई थी एयर इंडिया विमान-182 दुर्घटना, विदेश मंत्री डॉक्टर सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने में मारे गए 329 लोगों को श्रद्धांजलि दी

विदेश मंत्री डॉक्टर सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने एयर इंडिया विमान-182 दुर्घटना में मारे गए 329 लोगों को श्रद्धांजलि दी है। यह दुर्घटना आज ही के दिन 39 वर्ष पूर्व 1985 में हुई थी। उन्‍होंने सोशल मीडिया पोस्ट में इसे आतंकवाद के इतिहास में सबसे दुखद घटना बताया। विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी भावनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। उन्‍होंने कहा कि यह घटना हमें याद दिलाती है कि आतंकवाद को कभी भी सहन नहीं किया जाना चाहिए