ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने अमरीका के आर्थिक प्रतिबंधों की ताजा धमकियों को खारिज करते हुए कहा है कि यह चालबाजी है तथा उसके पास ईरान के लोगों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने के सिवाय कोई विकल्प नहीं है।
ईरान के सरकारी प्रसारक आई आर आई बी के अनुसार श्री अराघची ने कहा है कि आर्थिक दबाव बनाने के अमरीका के प्रयास उसकी हताशा दर्शाते हैं।
हाल ही में अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान पर इकोनॉमिक डी-डे अभियान की शुरुआत करने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि एक देश के खिलाफ यह बहुत भीषण आर्थिक अभियान होगा। उन्होंने सहयोगी देशों से भी ईरान को अलग-थलग करने में साथ देने की अपील की।
श्री ट्रंप ने कहा कि तेल तस्करी तंत्र, वित्तीय लेन-देन, विनिमय केन्द्र, पोत पंजीकरण और प्रमुख कंपनियों समेत ईरान की आर्थिक जीवन रेखा को निशाने बनाने के उपाय किये जाएंगे।
इस बीच, ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने पडोसी देशों को अमरीका का सहयोग नहीं करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि ईरान तनाव नहीं बढ़ाना चाहता, लेकिन आर्थिक प्रतिबंधों में शामिल पडोसी देशों को शत्रु समझा जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्रीय देशों ने ईरान के खिलाफ अमरीका का सहयोग किया तो फारस की खाडी और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते से तेल निर्यात को प्रभावित करने के उपाय किये जाएंगे।