ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेज़ाई ने पड़ोसी देशों को ईरान के खिलाफ अमरीका के आर्थिक अभियान में शामिल न होने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की भागीदारी से ईरान उन्हें दुश्मन समझेगा।
इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग को दिए एक साक्षात्कार में रेज़ाई ने कहा कि ईरान तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पड़ोसी देश अमरीका के आर्थिक दबाव का समर्थन करते हैं तो ईरान जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने आगे चेतावनी दी कि अगर क्षेत्रीय देश अमरीका अभियान में शामिल होते हैं तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल निर्यात रोक सकता है।
उनकी यह टिप्पणी अमेरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ “आर्थिक डी-डे” अभियान की घोषणा के बाद आई है, जिसे उन्होंने “किसी भी देश के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा आर्थिक अभियान” बताया है और अमेरीकी सहयोगियों से ईरान को अलग-थलग करने में अमरीका का साथ देने का आग्रह किया है।