देश में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति वार्षिक आधार पर अप्रैल में 42 महीने के उच्चतम स्तर 8.3% पर पहुंच गई। पिछले वर्ष मार्च में यह 3.88% थी। मासिक आधार पर थोक मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति इस वर्ष मार्च में 1.52% के मुकाबले अप्रैल में 3.86% रही। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अनुसार मुद्रास्फीति में यह वृद्धि मुख्य रूप से खनिज तेल, कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस, मूल धातुओं, विनिर्मित उत्पादों और गैर-खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने के कारण हुई।
ईंधन और बिजली क्षेत्र में वार्षिक मुद्रास्फीति दर मार्च में 1.05% के मुकाबले अप्रैल में बढ़कर 24 दशमलव सात-एक प्रतिशत तक पहुंच गई।