केंद्रीय नागर विमानन उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के विमानन क्षेत्र में पूर्ण परिवर्तन आया है।
उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित वॉर्टेक्स – VORTEX सम्मेलन को संबोधित किया। यह वैश्विक एयरोस्पेस आपूर्ति श्रृंखलाओं में लघु और मध्यम उद्यमों के एकीकरण के लिए एक राष्ट्रीय पहल है। श्री नायडू ने कहा कि पहले यह विशिष्ट क्षेत्र माना जाता था लेकिन अब इसको आम लोगों द्वारा भी अपनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दृष्टि से काम कर रही है, जिसमें पुर्जों के निर्माण से लेकर भारत में निर्मित विमानों तक सभी क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय एयरोस्पेस और रक्षा बाजार, जिसका मूल्य 2025 में 30 अरब डॉलर था, अब 2035 तक दोगुना होकर 61 अरब डॉलर होने का अनुमान है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में यात्री हवाई यातायात में 2035 तक सालाना 8 दशमलव 9 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। यह विश्व की किसी भी प्रमुख अर्थव्यवस्था के लिए सबसे तेज वृद्धि है।
नागार विमानन उड्डयन मंत्रालय के सचिव, समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू विमानन बाजार है। उन्होंने बताया कि हवाई अड्डों की संख्या 2014 में 74 से बढ़कर वर्तमान में 166 हो गई है। उन्होंने बताया कि 2014 में केवल 350 विमान थे, जो अब बढ़कर 850 से अधिक हो गए हैं।