विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने कहा है कि भारत हमेशा से यह कहता आया है कि आज का युग युद्ध का युग नहीं है और इससे कोई समाधान नहीं निकलेगा। श्री जयशंकर ने यूक्रेन के कीव में वहां के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से मुलाकात के बाद यह बात कही।
श्री जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दो दिन पहले किर्गिस्तान के बिश्केक में दिए गए बयान को दोहराया। श्री मोदी ने कहा था कि अब अंतहीन युद्ध को समाप्त करना होगा। विदेश मंत्री ने कहा कि संघर्ष के हर गुजरते दिन के साथ केवल अधिक मौतें और अधिक विनाश होता है। उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष को समाप्त करने के लिए भारत की ओर से हर संभव समर्थन का आश्वासन दिया। श्री जयशंकर ने ऐसे संघर्षों के दौरान वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे ग्लोबल साउथ के कई देशों पर प्रभाव पड़ता है और ईंधन, उर्वरक तथा खाद्य पदार्थों की कमी हो जाती है।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत ने अब तक यूक्रेन को जनरेटर, दवाओं और चिकित्सा उपकरण सहित 160 टन सामग्री के साथ मानवीय सहायता की 19 खेप भेजी हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का लंबा इतिहास है जो यूक्रेन की स्वतंत्रता से भी पुराना है। श्री जयशंकर ने कहा कि भारत और यूक्रेन के बीच फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य पदार्थ, कृषि और उर्वरक सहित कई क्षेत्रों में व्यापार होता है। उन्होंने द्विपक्षीय सहयोग की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देश डिजिटल, नवाचार और स्टार्टअप क्षेत्रों में प्रगति कर रहे हैं। श्री जयशंकर ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और शासन के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करती है।
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने यूक्रेन के विदेश मंत्री के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल, नवाचार, राजनयिक प्रशिक्षण और विकास के क्षेत्र में सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। बैठक के दौरान श्री जयशंकर को संघर्ष और शांति वार्ता से संबंधित हालिया घटनाक्रमों की जानकारी दी गई। उन्होंने वाणिज्यिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
बाद में विदेश मंत्री ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की से भी मुलाकात की और मौजूदा संघर्ष को समाप्त करने के उपायों पर चर्चा की। श्री जयशंकर यूक्रेन और पोलैंड की तीन दिन की यात्रा पर हैं।