भारत और ब्रिटेन के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में महत्वपूर्ण उपलब्धियों के रूप में चेन्नई स्थित ब्रिटेन उप उच्चायोग में उप-उच्चायुक्त डॉ. सुतापा चौधरी ने आज विदेश व्यापार महानिदेशालय के अधिकारियों के साथ भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते के तहत पहली निर्यात खेप को रवाना किया। इस समझौते से दोनों देशों के नागरिकों को ठोस आर्थिक लाभ पहुंचने की उम्मीद है।
चेन्नई में आयोजित इस समारोह में डॉ. चौधरी ने कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता नए बाजार अवसर खोलने और घरेलू अर्थव्यवस्था के संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करता है।
ब्रिटेन के उप-उच्चायुक्त स्टीव हिकलिंग और विदेश व्यापार महानिदेशालय संयुक्त निदेशक डॉ. राहुल सिंह ने आज अहमदाबाद के साणंद में स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो से समझौते के तहत पहली निर्यात खेप को रवाना किया। तीन करोड़ सात लाख रुपये से अधिक मूल्य की इस पहली खेप में अहमदाबाद की विनिर्माण क्षमता की झलक मिलती है। इसमें औद्योगिक उपकरण, दवाइंया, ऑटोमोबाइल, पॉलिमर और वस्त्र सहित सात प्रमुख क्षेत्रीय निर्यातकों के उत्पाद शामिल हैं।
ब्रिटेन के उप-उच्चायुक्त ने कहा कि यह व्यापार समझौता केवल तात्कालिक आदान-प्रदान समिति नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच अधिक मजबूत और व्यापक, आथिक तथा राजनीतिक संबंधों की शुरुआत का संकेत है।
इस अवसर पर डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि वस्त्र, चमड़ा, फार्मास्यूटिकल्स और इंजीनियरिंग उत्पादों जैसे प्रमुख क्षेत्रों को पूर्ण शुल्क मुक्त बाजार पहुंच मिलेगी।
महाराष्ट्र में मुंबई के न्हावा शेवा और सान्ताक्रूज इलैक्ट्रॉनिक निर्यात प्रोसेसिंग क्षेत्र-विशेष आर्थिक क्षेत्र से भी खेपों को रवाना किया गया।
न्हावा शेवा से विदेश व्यापार महानिदेशालय, ने सात निर्यातकों की खेप को रवाना किया। इसमें रसायन, फॉर्मास्युटिकल, प्लास्टिक, खाद्य उत्पाद, मसाले शामिल थे।
भारत के पहले विशेष आर्थिक क्षेत्र- सान्ताक्रूज इलैक्ट्रॉनिक नियात प्रोसेसिंग क्षेत्र-एसईजेड और आभूषणों और रत्नों के प्रमुख निर्यात केंद्र से विकास आयुक्त द्यानेश्वर बी. पाटिल ने ब्रिटेन के लिए निर्यात खेपों को रवाना किया।