रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता आज से लागू हो गया है। ये समझौता भारत की आर्थिक वृद्धि और वैश्विक साझेदारियों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सोशल मीडिया पोस्ट में श्री सिंह ने कहा कि यह समझौता निर्यात को बढ़ावा देगा, सूक्षम, लघु और मध्यम उद्यमों के लिए नए अवसर पैदा करेगा, भारतीय उद्योगों को समर्थन देगा और ब्रिटेन में कार्यरत पेशेवरों को लाभ पहुंचाएगा। इससे रोजगार और निवेश के नए द्वार खुलेंगे। श्री सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत लगातार ऐसे समझौते कर रहा है जो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं, वैश्विक अवसरों का विस्तार करते हैं और एक विकसित भारत के दृष्टिकोण में योगदान देते हैं।
केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि यह समझौता एक ऐतिहासिक कदम है जो देश के आर्थिक हितों को मजबूत और किसानों तथा कृषि क्षेत्र को सुदृढ बनाता है। उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में यह समझौता एक परिवर्तनकारी कदम है।
उद्योग जगत ने भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते को ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। फिक्की के महासचिव अनंत स्वरूप ने कहा कि यह समझौता वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में भारत की भागीदारी बढ़ाने और नवाचार आधारित विकास को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। श्री स्वरूप ने भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते को लागू होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह समझौता नवाचार, प्रौद्योगिकी और बेहतर सहयोग को बढ़ावा देकर, भारतीय उद्योग जगत की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को भी मजबूत करेगा।
एसओचैम के अध्यक्ष निर्मल कुमार मिंडा ने कहा कि यह समझौता भारत की मुक्त व्यापार समझौते यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है, जो दुनिया के दो सबसे पुराने लोकतंत्रों को एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौते के माध्यम से जोडता है। उन्होंने कहा कि इस समझौते के अंतर्गत भारत के 99 प्रतिशत निर्यात को ब्रिटेन के बाजार में कोई ड्यूटी नहीं लगेगी। श्री मिंडा ने कहा कि इस समझौते से भारत के कपड़ा, चमडा, समुद्री उत्पाद, रत्न और आभूषण, इंजीनियरिंग सामान और केमिकल जैसे भारतीय क्षेत्रों को लाभ होने की उम्मीद है।
ट्रेड प्रमोशन काउंसिल ऑफ़ इंडिया के चेयरमैन, मोहित सिंगला ने कहा कि भारत-ब्रिटेन व्यापार समझौते का क्रियान्वयन भारत की सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक साझेदारी में से एक है। उन्होंने कहा कि यह यह समझौता भारतीय निर्याताकों के लिए अवसर का एक नया अध्याय खोलता है। इसके माध्यम से ब्रिटेन के बाजार में बेहतर पहुंच और समान अवसरों का लाभ मिलेगा।