वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत अगले दो महीनों में मौजूदा नियमों में बदलाव करेगा और नए नियम बनाएगा। इसका उद्देश्य देश में विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने की इच्छुक कंपनियों की चिंताओं का समाधान करना है।
तोक्यो में एक कार्यक्रम में श्री गोयल ने बताया कि उन्होंने दो बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है। इनमें से एक कंपनी भारत में सेमीकंडक्टर उपकरण का विनिर्माण शुरू करना चाहती है और दूसरी ऑटोमोबाइल कलपुर्जा क्षेत्र में काम करती है। उन्होंने कहा कि सरकार निवेशकों की उचित और जायज मांगों के समाधान के लिए जरूरी नियमों में बदलाव करने को तैयार है।
भारत-जापान आर्थिक संबंधों पर श्री गोयल ने कहा कि दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। जापान तकनीक और कारोबारी तौर-तरीके उपलब्ध कराता है, जबकि भारत के पास युवा कार्यबल, बड़े स्तर पर उत्पादन की क्षमता और विशाल घरेलू बाजार है। उन्होंने कहा कि दोनों देश भरोसेमंद साझेदार के रूप में मिलकर काम करने के साथ-साथ ए आई के दुरुपयोग और एकाधिकार से जुड़ी चिंताओं पर भी बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का बड़ा घरेलू बाजार और मुक्त व्यापार समझौते जापानी कंपनियों के लिए भारत में उत्पादन करने और वैश्विक बाजारों तक पहुंच बनाने के अच्छे अवसर प्रदान करते हैं।
श्री गोयल दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के लिए करीब 200 कारोबारियों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल में विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, इस्पात, ऑटोमोबाइल, वित्तीय सेवाओं, स्वास्थ्य सेवा और स्टार्टअप क्षेत्र के प्रतिनिधि शामिल हैं।