जुलाई 22, 2026 8:43 पूर्वाह्न

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भारत ने डब्ल्यूटीओ व्‍यापार नीति समीक्षा में नियम आधारित, पारदर्शी और भेदभाव रहित बहुपक्षीय व्‍यापार प्रणाली की प्रतिबद्धता दोहराई

भारत ने विश्‍व व्‍यापार में अपनी बढ़ती भूमि‍का रेखांकित करते हुए जिनेवा में विश्‍व व्‍यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की व्‍यापार नीति समीक्षा में नियम आधारित, पारदर्शी और भेदभाव रहित बहुपक्षीय व्‍यापार प्रणाली की प्रतिबद्धता दोहराई है। वाणिज्‍य सचिव राजेश अग्रवाल ने वैश्विक व्‍यापार प्रणाली में भारत की भूमिका तथा व्‍यापार संधि, उदार विदेशी प्रत्‍यक्ष निवेश और विकासशील देशों के बीच सहयोग से व्‍यापारिक संबंध मजबूत करने के प्रयासों रेखांकित किया। वाणिज्य विभाग ने सोशल मीडिया पोस्‍ट में कहा कि भारत समावेशी वैश्विक विकास में भरोसेमंद और विश्‍वसनीय साझेदार है। 
 
विश्‍व व्‍यापार संगठन के सदस्‍य देश व्‍यापार नीति समीक्षा के माध्‍यम से व्‍यापार और संबंधित नीतियों का निरीक्षण करते हैं। भारत का दृष्टिकोण ऐसे समय में आया है जब वैश्विक व्‍यापार में भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और व्‍यापार नीतियों में परिवर्तन के कारण व्‍यापक बदलाव हो रहे हैं। सरकार ने अंतरराष्‍ट्रीय वाणिज्‍य में भारत की बढ़ती भूमिका रेखांकित की। भारत स्‍वदेशी व्‍यवसायियों की वैश्विक  बाजारों तक पहुंच बढ़ाने के लिए व्‍यापार समझौतों का विस्‍तार कर रहा है। उसने वैश्विक व्‍यापार मुद्दों के समाधान के लिए विश्‍व व्‍यापार संगठन पर अपना प्रभाव बढ़ाया है। समीक्षा के दौरान दक्षिण से सहयोग पर भारत का विशेष महत्‍व भी रेखांकित किया गया। सरकार ने कहा कि है कि वैश्विक व्‍यापार के प्रति भारत का दृष्टिकोण साझेदारी मजबूत करने और अधिक समावेशी व्‍यापार प्रणाली को बढ़ावा देने पर केन्द्रित है।