अप्रैल 20, 2026 8:38 अपराह्न | India-Korea talks

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भारत-कोरिया वार्ता में आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर, कई क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर सहमति

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे म्युंग के बीच हुई वार्ता के दौरान भारत और दक्षिण कोरिया ने आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। आज नई दिल्ली में द्विपक्षीय वार्ता के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के पूर्वी मामलों के सचिव पी. कुमारन ने बताया कि दोनों नेताओं ने भारत-कोरिया विशेष रणनीतिक साझेदारी में हुई समग्र प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने व्यापार, वित्तीय सेवाओं, जहाज निर्माण, ए आई, ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों, रक्षा और सुरक्षा, साथ ही सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने पर चर्चा की। श्री कुमारन ने बताया कि नेताओं ने पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ली ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के अंतर्गत एक पौधा भी लगाया, जो सतत विकास पर साझा सहयोग का प्रतीक है।

श्री कुमारन ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया समुद्री सहयोग को मजबूत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि शिपयार्डों को उन्नत करने, कौशल विकास को बढ़ावा देने और बंदरगाह के बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए एक कोरियाई जहाज निर्माण कंपनी के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। रक्षा सहयोग के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार दक्षिण कोरिया के साथ अधिक प्रकार के रक्षा हार्डवेयर, दूरसंचार उपकरण और साइबर सुरक्षा की खरीद के संदर्भ में सहयोग करने के लिए उत्सुक है।
वैश्विक अनिश्चितता के बारे में विदेश मंत्रालय के सचिव ने कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि हमें शांति और सुरक्षा को मजबूत करने और बहुपक्षीय संस्थानों को सुदृढ़ करने के लिए सहयोग करना चाहिए।

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