जुलाई 16, 2026 7:53 अपराह्न

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देश के वित्तीय समावेशन सूचकांक में सुधार; एफआई-इंडेक्स 70 पर पहुंचा

भारतीय रिज़र्व बैंक ने कहा है कि देश के वित्तीय समावेशन सूचकांक यानी एफ आईइंडेक्स में सुधार हुआ है। यह सूचकांक मार्च 2025 में 67  से बढ़कर मार्च 2026 में 70 तक पहुंच गया है। बैंक के अनुसार यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि भारत वित्‍तीय सेवाओं का दायरा बढ़ाने और लोगों को वित्‍तीय गतिविधियों से जोड़ने में लगातार प्रगति कर रहा है। इससे पता चलता है कि देश के नागरिक अब बैंक खाता रखने के साथ-साथ डिजिटल आधारभूत ढांचे, ऋण और बीमा उत्‍पादों का भी काफी इस्तेमाल कर रहे हैं।

यह सूचकांक बिना किसी आधार वर्ष के 97 संकेतकों को परखता है और तीन मुख्य पैमानों पर देश की वित्‍तीय व्‍यवस्‍था का मूल्यांकन करता है। हालिया बढ़ोतरी उपयोग और गुणवत्‍ता में बड़े सुधार को दिखाती है। बैंक ने कहा है कि यह सुधार मुख्य रूप से वित्‍तीय सेवाओं के बढ़ते इस्तेमाल की वजह से हुआ है, जो वित्‍तीय समावेशन के सशक्‍त होने का संकेत है। इनमें उपयोगकर्ताओं की बढ़ती संख्‍या की हिस्‍सेदारी 35 प्रतिशत, इस्तेमाल करने की 45 प्रतिशत और गुणवत्‍ता की 20 प्रतिशत शामिल हैं। यह सूचकांक पहली बार अगस्त 2021 में मार्च 2021 को खत्म होने वाले वित्‍त वर्ष के लिए पेश किया गया था और इसे हर साल उपलब्‍ध कराया जाता है।