सरकार ने कहा है कि राष्ट्रीय सुपरकंप्यूटिंग मिशन के अंतर्गत, भारत ने सुपरकंप्यूटिंग में आत्मनिर्भरता हासिल करने पर केंद्रित एक पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित किया है। इसमें सुपरकंप्यूटर डिजाइन, विकास, निर्माण, सिस्टम सॉफ्टवेयर और विशिष्ट अनुप्रयोग शामिल हैं। यह बढ़ती स्वदेशी क्षमता आयातित प्रौद्योगिकियों पर निर्भरता को कम करने के साथ ही, भारत के घरेलू उच्च-प्रदर्शन कंप्यूटिंग पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करेगी।
देश की कंप्यूटिंग क्षमताओं को मजबूत करने के लिए इस मिशन को अप्रैल 2015 में लगभग 4,500 करोड़ रुपये के व्यय के साथ शुरू किया गया था। इसका संयुक्त रूप से विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग तथा इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा संचालन किया जा रहा है।
इस मिशन का उद्देश्य तेज गति से चलने वाली, ऊर्जा-कुशल और विश्वसनीय प्रणालियों का निर्माण करना, भारतीय हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर क्षमताओं को मजबूत करना और कुशल पेशेवरों का विकास करना है।