भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी)में पाकिस्तान के नरसंहार के इतिहास की निंदा की है। कल सशस्त्र संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा विषय पर आयोजित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की वार्षिक खुली बहस में बोलते हुए, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि पाकिस्तान का अमानवीय आचरण दशकों से अपनी आंतरिक विफलताओं को हिंसा के माध्यम से छिपाने के प्रयासों को दर्शाता है।
श्री पर्वतनेनी ने कहा कि अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन ने 2026 के पहले तीन महीनों में पाकिस्तानी सैन्य बलों द्वारा की गई सीमा पार सशस्त्र हिंसा के कारण 750 नागरिकों की मौत और घायल होने की घटनाओं को दर्ज किया है। इनमें से अधिकांश हवाई हमलों के परिणामस्वरूप हुई हैं।