भारत और रूस ने आज यात्री विमानों के संयुक्त निर्माण और भारतीय विमानन कंपनियों के लिए 105 क्षेत्रीय टर्बोप्रॉप विमानों की संभावित आपूर्ति पर चर्चा की। नई दिल्ली में नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने रूस के उद्योग और व्यापार मंत्री एंटोन अलिखानोव के साथ बैठक में देश में क्षेत्रीय हवाई संपर्क की बढ़ती जरूरत को पूरा करने के लिए नागरिक यात्री विमानों के संयुक्त निर्माण पर विचार-विमर्श किया।
प्रस्तावित समझौतों में पिनेकल एयर, एयर केरल और स्लीक एविएशन सहित भारतीय विमानन कंपनियों को 105 क्षेत्रीय टर्बोप्रॉप विमानों की संभावित आपूर्ति और इससे जुड़ी व्यवस्थाएं शामिल हैं। रूस ने नई दिल्ली में आयोजित इनोप्रोम इंडिया कार्यक्रम में अपने क्षेत्रीय एसजे-100, एमसी-21 और आईएल-114-300 विमानों का प्रदर्शन भी किया।
सार्वजनिक क्षेत्र की विमानन कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन पहले ही भारत में सुपरजेट-एसजे-100 यात्री विमान के लाइसेंस के अंतर्गत संयुक्त निर्माण और रखरखाव के लिए प्रारंभिक समझौता कर चुकी हैं। श्री नायडू ने कहा कि उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत में विमान निर्माण को लेकर समझौता ज्ञापन की प्रगति पर चर्चा की।
श्री नायडू ने कहा कि क्षेत्रीय हवाई संपर्क में व्यापक संभावनाओं को देखते हुए भारत और रूस के बीच संबंधों को खरीदार-विक्रेता से आगे बढ़ाकर संयुक्त निर्माण और व्यापक औद्योगिक सहयोग में बदलने का मजबूत अवसर है। उन्होंने कहा कि भारत-रूस संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं और विमानन रणनीतिक साझेदारी का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभर रहा है।
रूस मिग और सुखोई जैसे पारंपरिक रक्षा विमानों से आगे भारत के साथ औद्योगिक सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। प्रस्तावित विमान समझौते भारत-रूस विमानन सहयोग को नागर विमानन, क्षेत्रीय संपर्क और विमान निर्माण तक विस्तार देने की संभावना दिखाते हैं।
दो दिन का ‘इनोप्रोम इंडिया’ कार्यक्रम कल नई दिल्ली में शुरू हुआ। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले आयोजित इस कार्यक्रम में 120 से अधिक रूस और भारत की कंपनियां हिस्सा ले रही हैं।