वाणिज्य और उद्योग मंत्री पियूष गोयल ने कनाडा की अपनी यात्रा के दूसरे दिन टोरंटों में कनाडा के वरिष्ठ नेताओं और संस्थागत निवेशकों के साथ कई उच्च स्तरीय बैठकें की। वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने कहा कि इस बैठक का उद्देश्य द्विपक्षीय सहयोग को प्रगाढ़ बनाना और कार्यनीतिक क्षेत्रों में निवेश और तकनीकी साझेदारी को बढ़ावा देना है। इस यात्रा के दौरान श्री गोयल कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री, मनिन्दर सिद्धू ने भारत और कनाडा के बीच बढ़ती पूरकताओं पर चर्चा की। उन्होंने सशक्त सरकार- उद्योग सहयोग द्वारा संचालित अधिक सुदृढ़ और अनुमानित व्यापारिक पारिस्थितिकी तंत्र की आवश्यकता पर बल दिया। मंत्रालय ने बताया कि दोनो पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 50 अरब डॉलर तक बढ़ाने के अपने साझा लक्ष्य की पुन: पुष्टि की। दोनों देशों ने इस वर्ष की समाप्ति तक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता-सीईपीए को संपन्न करने की भी बात कही।
इसके बाद दोनों देशों के मंत्रियों की सह-अध्यक्षता में कनाडा-भारत निवेश गोलमेज सम्मेलन हुआ। इस सम्मेलन में पेंशन फंड और बैंकों सहित कनाडा के प्रमुख वित्तीय निवेशकों के साथ-साथ दोनों देशों के वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधियों ने भाग लिया। भारतीय सरकार द्वारा अवसंरचना विकास, वित्तीय क्षेत्र में सुधार, व्यापार करने में सुगमता और वैश्विक निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर सृजित करने पर दिया जा रहा है। श्री गोयल ने हितधारकों को विभिन्न क्षेत्रों में भारत के साथ साझेदारी करने के लिए आमंत्रित किया। दोनों देशों के सतत विकास और साझा समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय बाजारों में सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर विचार-विमर्श किया गया।
गोलमेज सम्मेलन के बाद, श्री गोयल ने बीमा, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य क्षेत्रों सहित विभिन्न क्षेत्रों की कनाडा की प्रमुख कंपनियों के साथ व्यक्तिगत बैठकें भी कीं। मंत्रालय ने बताया कि चर्चा का मुख्य केंद्र भारत में उनकी बढ़ती रुचि थी। इस चर्चा में भारत के व्यापक आर्थिक परिदृश्य, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित प्रतिभा की उपलब्धता और इसके परिणामस्वरूप वैश्विक क्षमता केंद्रों का उदय, रणनीतिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन योजनाएं और भारत के नियामक वातावरण में सुधार जैसे विषय शामिल थे।
प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए, श्री गोयल ने कनाडा में भारतीय समुदाय की शक्ति और भारत-कनाडा व्यापार गलियारे को मजबूत करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय समुदाय न केवल भारत के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ाने में, बल्कि मजबूत सांस्कृतिक आदान-प्रदान, सामुदायिक भागीदारी और कनाडा भर में भारतीय व्यवसायों के विकास को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।