हंगरी के राष्ट्रपति तामाश शूयोक ने कल एक संवैधानिक संशोधन पर हस्ताक्षर कर उसे कानून का रूप दे दिया, जिसके साथ ही उनका कार्यकाल समाप्त हो गया। इसके साथ ही राष्ट्रपति शूयोक और देश की नई सरकार के बीच चल रहा विवाद भी खत्म हो गया। नई सरकार, पूर्व प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बान के कार्यकाल में नियुक्त अधिकारियों को हटाने की अपनी मुहिम के तहत उन्हें पद से हटाना चाहती थी।
हंगरी के प्रधानमंत्री पीटर माज्यार, जिन्होंने अप्रैल में हुए आम चुनाव में लंबे समय तक सत्ता में रहे विक्टर ऑर्बान को बड़े अंतर से हराया था, लगातार ऑर्बान द्वारा नियुक्त राष्ट्रपति तामाश शूयोक से इस्तीफे की मांग कर रहे थे। प्रधानमंत्री माज्यार का कहना था कि राष्ट्रपति शूयोक अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करने में विफल रहे और ऑर्बान सरकार के अलोकतांत्रिक कदमों का विरोध नहीं किया।
राष्ट्रपति तामाश शूयोक ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद प्रधानमंत्री पीटर माज्यार की यूरोप समर्थक, मध्यमार्गी दक्षिणपंथी तिस्ज़ा पार्टी के सांसदों ने इस सप्ताह एक संवैधानिक संशोधन पारित किया, जिसमें उनके कार्यकाल को तत्काल समाप्त करने का प्रावधान किया गया। राष्ट्रपति शूयोक के पास इस संशोधन पर हस्ताक्षर करने के लिए पांच दिन का समय था और उन्होंने निर्धारित समय-सीमा के अंतिम दिन इस पर हस्ताक्षर कर दिए।
संसद की अध्यक्ष एग्नेस फॉर्स्टहॉफर सोमवार मध्यरात्रि से कार्यवाहक राष्ट्रपति का दायित्व संभालेंगी। वे तब तक इस पद पर रहेंगी, जब तक संसद निर्धारित 30 दिनों की समय-सीमा के भीतर नए राष्ट्रपति का चुनाव नहीं कर लेती। प्रधानमंत्री पीटर माज्यार ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि वे नए राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पर विचार-विमर्श के लिए कल अपनी पार्टी की बैठक बुलाएंगे।