संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार विशेषज्ञों ने बलूचिस्तान के इमरान अली के लापता होने, यातना और गैर-न्यायिक हत्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की है और पाकिस्तान से उनकी हिरासत और मौत की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच शुरू करने का अनुरोध किया है।
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय (ओ.एच.सी.आर.) ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि इमरान अली को पिछले वर्ष 27 अगस्त को लगभग 20 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मियों ने उनके घर से अगवा कर लिया था। उन्हें एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया और उनके परिवार को उनके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।
संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों ने इमरान अली के शव के साथ अस्पताल लाए गए छह अन्य शवों के साथ किए गए व्यवहार पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी शव का अस्पताल के कर्मचारियों या पुलिस ने ठीक से दस्तावेजीकरण नहीं किया और बिना शिनाख्त या परिजनों को सूचित किए दफना दिया गया।
बलूचिस्तान में लापता होने के मामलों को देखते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि इसकी गंभीर आशंका है कि अन्य शव भी लापता लोगों के हो सकते हैं। मानवाधिकार संगठनों ने संयुक्त राष्ट्र और व्यापक अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया है कि वे लापता हजारों बलूच लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।