गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार देश की तटीय सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। श्री शाह ने पोत पत्तन परिवहन और जलमार्ग मंत्री सरबानंद सोनोवाल के साथ आज बंदरगाह सुरक्षा ब्यूरो-बीओपीएस की स्थापना में हुई प्रगति की समीक्षा की।
श्री शाह ने कहा कि बंदरगाह सुरक्षा केवल लाइसेंस प्राप्त निजी सुरक्षा एजेंसियों को ही सौंपा जाना चाहिए। बंदरगाह की सुरक्षा में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल-सीआईएसएफ से प्रशिक्षण प्राप्त निजी सुरक्षा कर्मियों को ही तैनात किया जाना चाहिए। श्री शाह ने सीआईएसएफ को विशाखापत्तनम बंदरगाह, जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह और मुंद्रा बंदरगाह सहित देश भर के प्रमुख बंदरगाहों पर बंदरगाह सुरक्षा ब्यूरो को सौंपे जाने वाले प्रस्तावित सुरक्षा व्यवस्थाओं का परीक्षण करने का निर्देश दिया।
बंदरगाह सुरक्षा ब्यूरो की स्थापना व्यापारिक जहाजरानी अधिनियम, 2025 की धारा 13 के प्रावधानों के अंतर्गत एक वैधानिक निकाय के रूप में की जा रही है। ब्यूरो का नेतृत्व एक महानिदेशक करेंगे और यह बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन कार्य करेगा।
श्री शाह ने मत्स्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और मछली पकड़ने के बंदरगाह केंद्रों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने निर्देश दिया कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन द्वारा विकसित नभमित्र ऐप का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए जिससे अधिक से अधिक मछुआरे इसे अपने मोबाइल फोन पर डाउनलोड कर सकें।
बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, खुफिया विभाग के निदेशक, सीमा प्रबंधन सचिव, पोत पत्तन परिवहन और जलमार्ग सचिव, मत्स्य विभाग के सचिव, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।