कीनिया के शिक्षा और तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा तथा प्रशिक्षण पाठ्यक्रम विकास मंत्रालय के एक उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के मानवाधिकार आयोग का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य मानवाधिकारों को शिक्षा, युवा कौशल, प्रौद्योगिकी और क्षमता निर्माण से जोड़ने के भारत के अनुभवों को समझना था। कीनिया के मंत्रालय के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रोफेसर किसिलु कितांगे के नेतृत्व में इस प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के अध्यक्ष, जस्टिस संत प्रकाश से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा और कौशल विकास का निर्माण समानता, गरिमा और गैर-भेदभाव के सिद्धांतों के आधार पर होना चाहिए। दोनों पक्षों ने एक ऐसी शिक्षा और कौशल-विकास प्रणाली तैयार करने के महत्व को स्वीकार किया, जो न केवल भविष्य के अनुकूल और तकनीक से लैस हो, बल्कि समावेशी, सुलभ और मानव गरिमा व समानता की नींव पर मजबूती से टिकी हो।
इस बातचीत का मुख्य फोकस इस बात पर था कि कैसे मानवाधिकार पर आधारित दृष्टिकोण व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास, अवसरों तक समान पहुंच, डिजिटल समावेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग को मजबूत कर सकता है।