वित्तीय खुफिया इकाई-भारत ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर 15 वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति सेवा प्रदाताओं को नोटिस जारी किए हैं। इनमें बिटयूनिक्स, डिजीफिनेक्स, पायोनेक्स, व्हाइटबिट, फिक्स्डफ्लोट और टू-बिट शामिल हैं।
वित्त मंत्रालय ने बताया कि इन संस्थाओं को देश में अवैध रूप से संचालित सेवाओं तक लोगों को पहुंच देने वाले एप्लीकेशन और यूआरएल हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं। वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति सेवा प्रदाताओं को मार्च 2023 में धन शोधन और आतंकी गतिविधियों के वित्तपोषण पर रोक लगाने वाले कानून के दायरे में लाया गया था।
मंत्रालय के अनुसार, भारत में काम करने वाले सभी वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति सेवा प्रदाताओं को वित्तीय खुफिया विभाग के साथ रिपोर्टिंग इकाई के रूप में पंजीकरण कराना जरूरी है। यह नियम भारत में स्थित और विदेशों से संचालित, दोनों तरह की संस्थाओं पर लागू होता है। इनमें वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति और सामान्य मुद्रा के बीच लेन-देन तथा वर्चुअल डिजिटल परिसंपत्ति के हस्तांतरण जैसी गतिविधियां शामिल हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ये नियम गतिविधि के आधार पर लागू होते हैं और इसके लिए संस्था की भारत में भौतिक मौजूदगी जरूरी नहीं है। मंत्रालय ने आम लोगों की सुरक्षा और जागरूकता के लिए कहा है कि क्रिप्टो उत्पाद और नॉन-फंजिबल टोकन एनएफटी अनियमित हैं और इनमें काफी जोखिम हो सकता है।