वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने आज अमरीका की बहुराष्ट्रीय कंपनी थ्री-एम से भारत में अनुसंधान और विकास, उन्नत विनिर्माण और स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला में निवेश बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से प्रौद्योगिकी, नवाचार और वैश्विक विनिर्माण के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है और वैश्विक कंपनियों के लिए यहां व्यापक अवसर उपलब्ध हैं।
वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि वित्त मंत्री ने अमरीका के नॉर्थ कैरोलिना में आयोजित जी-20 वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक से इतर थ्री-एम के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विलियम ब्राउन के साथ वार्ता की।
दोनों पक्षों के बीच हुई चर्चा का मुख्य विषय भारत में थ्री-एम की भागीदारी को और मजबूत बनाना था। बैठक में इस बात पर विचार किया गया कि भारत अब केवल बड़े उपभोक्ता बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्नत विनिर्माण, प्रौद्योगिकी विकास और नवाचार-आधारित उत्पादन का वैश्विक मंच बनता जा रहा है।
मंत्रालय ने बताया कि बैठक के दौरान डेटा सुरक्षा, तकनीकी विकास तथा भारतीय प्रतिभा को घरेलू औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र में अधिक प्रभावी ढंग से शामिल करने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने कहा कि भारत के पास कुशल मानव संसाधन, मजबूत विनिर्माण क्षमता और तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक ढांचा है, जिसका लाभ उठाकर थ्री-एम अपने अनुसंधान और प्रौद्योगिकी विकास कार्यक्रमों का विस्तार कर सकती है।
श्रीमती सीतारामन ने थ्री-एम से स्थानीयकरण बढ़ाने, अनुसंधान और विकास गतिविधियों का विस्तार करने तथा नई प्रौद्योगिकियों के विकास में अधिक निवेश करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत में विकसित नवाचार केवल घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं को भी मजबूत कर सकते हैं।
थ्री-एम के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी विलियम ब्राउन ने भारत में उपलब्ध विशाल प्रतिभा संसाधन की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत में प्रौद्योगिकी विकास और स्थानीय बाजार दोनों के क्षेत्र में पर्याप्त अवसर मौजूद हैं।