अगस्त 28, 2026 9:18 अपराह्न | flood-hit areas

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भारत ने नेपाल में बचाव और राहत कार्यों के लिए 47 टन से ज़्यादा आपातकालीन राहत सामग्री भेजी; 320 भारतीय नागरिकों से अब भी कोई सम्‍पर्क नहीं

विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में बुधवार को अचानक बाढ़ की त्रासदी के बाद 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है या लापता हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के लगभग 100 लोगों से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है जो अन्‍य देशों के नागरिक हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज नई दिल्ली में संवाददाताओं को बताया कि त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम कर रहे 63 भारतीय नागरिकों को प्रभावित इलाके से बचाया गया। उन्होंने कहा कि चीन की तरफ फंसे 96 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से ज़मीन के रास्ते नेपाल पहुँच गए हैं और उन्हें वहाँ से निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं। श्री जायसवाल ने बताया कि तमिलनाडु के इक्कीस भारतीय नागरिक कल बाढ़ प्रभावित इलाके से काठमांडू पहुँचे थे और वे आज दोपहर नई दिल्ली पहुँच गए।

श्री जायसवाल ने कहा कि चीन की तरफ लगभग 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं और अपने परिवारों के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि पेइचिंग में भारतीय दूतावास उन्हें वहाँ से निकालने में मदद के लिए स्थानीय अधिकारियों, टीम लीडरों और ट्रैवल एजेंटों के साथ तालमेल कर रहा है।

इस बीच, भारत ने नेपाल को मानवीय सहायता बढ़ा दी है। श्री जायसवाल ने कहा कि भारत ने नेपाल में बचाव और राहत कार्यों में मदद के लिए 47 टन से ज़्यादा आपातकालीन राहत सामग्री भेजी है। उन्होंने बताया कि आज शाम तीसरी राहत उड़ान के रवाना होने की उम्मीद है, जिसमें पोर्टेबल जनरेटर सेट, भोजन, पानी साफ़ करने वाली गोलियाँ और दवाइयों जैसी लगभग 13 टन ज़रूरी सामग्री होगी।

श्री जायसवाल ने यह भी कहा कि नेपाल के अनुरोध पर, भारत टनल रेस्क्यू टीम भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए पहले रेकी टीम भेजी जा रही है ताकि वहां ज़रूरी उपकरणों का आकलन किया जा सके। उन्होंने बताया कि एक मेडिकल टीम भी भेजी जा रही है। इसके अलावा, भारत ने बेली ब्रिज और उनसे जुड़ी टेक्निकल टीमें भी देने की पेशकश की है, ताकि नेपाल के प्रभावित इलाकों में कनेक्टिविटी को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके। श्री जायसवाल ने कहा कि नेपाल के अधिकारियों को किसी भी अन्य मदद की ज़रूरत पड़ने पर भारत उसे देने के लिए तैयार है।

श्री जायसवाल ने कहा कि सरकार ने विदेश मंत्रालय में नियंत्रण कक्ष बनाया है, जो चौबीसों घंटे काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि काठमांडू और पेइचिंग में भारतीय दूतावासों ने भी 24×7 हेल्पलाइन शुरू की हैं।

इस बीच, दस टन मानवीय सहायता लेकर तीसरी उड़ान काठमांडू के लिए रवाना हो गई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए यह जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि इस सहायता में पोर्टेबल जनरेटर सेट, डिग्निटी किट, खाने के पैकेट और पानी साफ़ करने वाली गोलियां शामिल हैं। डॉ. जयशंकर ने कहा कि इस उड़ान में डॉक्टरों, पैरामेडिक्स और टनल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रेकी टीम के 11 सदस्य भी शामिल हैं। उन्होंने नेपाल में राहत और बचाव कार्यों के लिए भारत के समर्थन को भी दोहराया। इससे पहले, भारत ने दो उड़ानों के ज़रिए 47 टन से ज़्यादा आपातकालीन राहत सामग्री भेजी थी।

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