विदेश मंत्री सुब्रह्मण्यम जयशंकर ने नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि अधिकांश राष्ट्राध्यक्षों की उपस्थिति से दुनिया ने भारत के मजबूत नेतृत्व और विभिन्न देशों को एक मंच पर लाने की क्षमता देखी।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि यह सम्मेलन ऐसे समय हुआ, जब दुनिया में ध्रुवीकरण बढ़ा हुआ है और दो बड़े संघर्ष जारी हैं। इसके बावजूद सभी देश शांति, सुरक्षा, स्थिरता और दीर्घकालिक समझ के साथ-साथ वैश्विक व्यापार और आपूर्ति शृंखलाओं के सुचारु संचालन तथा लोगों और बुनियादी ढांचे की सुरक्षा के पक्ष में एकजुट हुए।
डॉ. जयशंकर ने बताया कि सम्मेलन में 11 सदस्य देशों, 10 साझेदार देशों, 4 क्षेत्रीय संगठनों और 7 अंतरराष्ट्रीय संगठनों सहित कुल 32 प्रतिनिधिमंडल शामिल हुए। उन्होंने कहा कि वैश्विक ध्रुवीकरण के बीच पश्चिम एशिया संघर्ष जैसे सबसे जटिल मुद्दे पर भी आम सहमति बनना महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स देशों ने स्पष्ट रूप से माना है कि आतंकवाद का कोई भी कृत्य आपराधिक कृत्य है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स ने पहलगाम आतंकी हमले को अस्वीकार्य बताया और आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर बल देते हुए इससे निपटने में दोहरे मानदंडों को खारिज किया।