नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने आज कहा कि भारत की व्यापारिक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने के लिए निर्यात बाजारों और उत्पादों का निरंतर विविधीकरण, वैश्विक और क्षेत्रीय मूल्य श्रृंखलाओं के साथ गहरा एकीकरण आवश्यक होगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए रणनीतिक क्षेत्रों में मजबूत घरेलू क्षमताओं और एक ऐसे नीतिगत वातावरण की भी आवश्यकता होगी जो कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रभावी ढंग से प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाए। नीति आयोग के अध्यक्ष ने नई दिल्ली में ट्रेड वॉच त्रैमासिक रिपोर्ट का नवीनतम संस्करण जारी करते हुए यह बात कही।
ट्रेड वॉच त्रैमासिक के नवीनतम संस्करण में इस बात का उल्लेख किया गया है कि कैलेंडर वर्ष 2026 की पहली छमाही में वैश्विक वस्तु व्यापार तेरह खरब डॉलर से अधिक हो गया। इसमें यह भी कहा गया है कि भारत का माल और सेवा व्यापार लगातार बढ़ रहा है। यह वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कुल व्यापार 506 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में पंद्रह प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। इस संस्करण का मुख्य विषय भारत का धातु और अयस्क व्यापार था, जो विनिर्माण, अवसंरचना, ऊर्जा परिवर्तन और उन्नत उद्योगों के लिए एक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है।
रिपोर्ट के अनुसार डिजिटल रूप से प्रदान की जाने वाली सेवाओं में भारत की स्थिति भी मजबूत हुई है। निर्यात 2024 में 277 अरब डॉलर से बढ़कर 2025 में 317 अरब डॉलर हो गया है।
नीति आयोग ने कहा कि यह संस्करण नीति निर्माताओं, उद्योग जगत, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों के लिए एक मूल्यवान संसाधन है। यह डेटा-आधारित अंतर्दृष्टि और भविष्योन्मुखी नीतिगत सिफारिशें प्रदान करता है। नीति आयोग ने कहा कि यह निर्णय लेने में सहायता करेगा और बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की व्यापार प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करेगा।