नेपाल में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों की संख्या एक हजार को पार कर गई है और प्रभावित आठ जिलों से सुरक्षा बलों ने कई और शव बरामद किए हैं। नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के बीच राहत और बचाव कर्मी लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं। करीब चार हजार लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें 583 विदेशी नागरिक और 83 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं, जबकि लगभग 12,000 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। नदियों का जलस्तर बढ़ने से कई जिलों में बाढ़ का नया अलर्ट जारी किया गया है।
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने के कारण अचानक आई इस बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कस्बों और गांवों को तबाह कर दिया था। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटकोशी नदी अपने साथ बाढ़ का पानी नीचे ले आई, जिससे घर, गाड़ियां, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा।
इस आपदा में तिब्बत क्षेत्र में भी 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 550 लोग अब भी लापता हैं। इस बीच, नेपाल के अस्पताल अज्ञात शवों की बढ़ती संख्या के कारण भारी दबाव में हैं। बाढ़ प्रभावित इलाकों में विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं के 600 से अधिक श्रमिकों और कर्मचारियों को तलाशने के प्रयास लगातार जारी हैं, जिनमें से कई लोगों के सुरंगों में फंसे होने की आशंका है। इन बचाव अभियानों में भारत की विशेषज्ञ टीमें नेपाली बचाव दल की सहायता कर रही हैं। सुरंग के प्रवेश द्वारों पर पानी, कीचड़ और मलबे के जमा होने, दुर्गम रास्तों और क्षतिग्रस्त मार्गों के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आ रही हैं। कुछ स्थानों पर विशेष उपकरणों और तकनीकी विशेषज्ञता की कमी के कारण जमीन के नीचे फंसे श्रमिकों तक पहुंचना और भी चुनौतीपूर्ण हो गया है।
इस बीच, नेपाली अधिकारियों ने आज देश के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी हिस्सों के कई जिलों में बाढ़ के खतरे को लेकर एक नया अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने नदियों के किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और एहतियाती कदम उठाने का आग्रह किया है।