जून 27, 2026 8:05 अपराह्न | WEST ASIA

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पश्चिम एशिया में संघर्षविराम पर दबाव, अमेरिका और ईरान के बीच जवाबी हमले तेज

पश्चिम एशिया में पिछले चार महीने से जारी संघर्ष को समाप्त करने के लिए दो सप्ताह पहले हुए नाजुक संघर्षविराम को गंभीर दबाव का सामना करना पड़ रहा है। पिछले 48 घंटों में अमरीका और ईरान के बीच कई जवाबी हमले हुए हैं। यह तनाव बृहस्‍पतिवार को तब शुरू हुआ जब होर्मुज जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक पोत पर ईरानी हमले के कारण अमरीका ने कडी प्रतिक्रिया व्‍यक्‍त की। इसके बाद ईरान ने आज क्षेत्र में अमरीका के सैन्य ठिकानों पर रक्षात्मक हमला किया। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर अंतरिम समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगा रहे हैं। अमरीका और ईरान जवाबी सैन्य कार्रवाई में उलझे हुए हैं। यह कार्रवाई मध्यस्थों के राजनयिक प्रयासों के लिए खतरा पैदा कर रही है।

यह अस्थिरता अमरीका और ईरान के बीच तनाव से आगे भी फैल रही है। बहरीन ने आज एक ड्रोन हमले की सूचना दी, जिसे उसके विदेश मंत्रालय ने अपनी संप्रभुता का घोर उल्लंघन बताया। उत्तरी इराक में सुरक्षा सूत्रों ने एरबिल के पास हमले की सूचना दी। दक्षिणी मोर्चे पर, लेबनान के नबातीह इलाके में इस्राएल के ड्रोन हमले की खबर आई है। यह हमला इस्राएल और लेबनान के बीच अमरीका की मध्यस्थता से हुए समझौते पर हस्ताक्षर के ठीक एक दिन बाद हुआ है। इसका उद्देश्य इस्राएल के सैनिकों की वापसी और लेबनान राष्‍ट्र के अधिकार को बहाल करना है। हिज्‍बुल्लाह इस समझौते को पहले ही खारिज कर चुका है। इस हमले के कारण बेरूत में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

लेबनान के साथ इस्राएल के समझौते में धीरे-धीरे सैनिकों की वापसी का वादा किया गया है। इस्राएल के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे कब्जे वाली जमीन के एक बड़े हिस्से पर अपना नियंत्रण बनाए रखेंगे। वहीं इस्राएल के सैनिकों की तैनाती के चलते हिज्‍बुल्‍लाह ने हथियार डालने से इनकार कर दिया है।