सितम्बर 12, 2026 9:48 अपराह्न

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ब्रिक्स देशों ने दुनिया में जारी संघर्षों और बढ़ते ध्रुवीकरण पर चिंता जताई

ब्रिक्स देशों ने दुनिया के कई हिस्सों में जारी संघर्षों और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में बढ़ते ध्रुवीकरण तथा विखंडन पर चिंता व्यक्त की है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन अपनाई गई नई दिल्ली घोषणा-2026 में ब्रिक्स नेताओं ने वैश्विक सैन्य खर्च में हो रही लगातार वृद्धि पर भी गंभीर चिंता व्‍यक्‍त की। उन्होंने एक बहुपक्षीय दृष्टिकोण का आह्वान किया जो महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विभिन्न राष्ट्रीय दृष्टिकोणों और स्थितियों का सम्मान करता हो। इन मुद्दों में सतत विकास, भूख और गरीबी का उन्मूलन तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने के वैश्विक प्रयासों में योगदान शामिल हैं।

ब्रिक्स देशों ने पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव पर भी गहरी चिंता व्यक्त की और ऐसी किसी भी कार्रवाई से बचने का आह्वान किया, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नागरिकों तथा नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर बल दिया। संवाद और कूटनीति के जरिए दीर्घकालिक समझ विकसित करने के प्रयास तेज करने का आह्वान किया, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।

ब्रिक्स सदस्यों ने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले नागरिक बुनियादी ढांचे और शांतिपूर्ण परमाणु सुविधाओं पर जानबूझकर किए गए हमलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सशस्त्र संघर्षों के दौरान भी परमाणु सुरक्षा उपायों, सुरक्षा मानकों को हर हाल में बनाए रखा जाना चाहिए, ताकि लोगों और पर्यावरण को नुकसान से बचाया जा सके।

ब्रिक्स नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र महासभा और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों को लागू करने का भी आह्वान किया। उन्होंने सभी पक्षों से गाजा पट्टी में युद्धविराम बनाए रखने और मानवीय सहायता की पूर्ण तथा निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने की अपील की। नेताओं ने दोहराया कि इस्राएल-फिलिस्तीन संघर्ष का न्यायसंगत और स्थायी समाधान केवल शांतिपूर्ण माध्यमों से ही संभव है । उन्होंने सभी संबंधित अंतरराष्ट्रीय संगठनों, जिनमें बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान भी शामिल हैं, में फिलिस्तीन के उचित प्रतिनिधित्व और उनके संसाधनों तक पहुंच की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की और कहा कि उनके पीछे कोई भी उद्देश्य  हो, आतंकवाद आपराधिक और पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने पिछले वर्ष 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की। ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इसमें आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही, आतंकवाद के वित्तपोषण और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाह देने की गतिविधियों पर रोक लगाना शामिल है।