सेना कमांडरों का द्विवार्षिक सम्मेलन कल नई दिल्ली में संपन्न हुआ। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी की अध्यक्षता में हुए इस सम्मेलन में स्वदेशी उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को मजबूत करने और मौजूदा आपूर्ति श्रृंखला संकट के मद्देनजर दीर्घकालिक रणनीतिक लचीलापन सुनिश्चित करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया गया।
रक्षा मंत्रालय ने बताया कि सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य और उभरते वैश्विक, क्षेत्रीय और आंतरिक सुरक्षा कारकों पर के बारे में जानकारी दी। भारत के रणनीतिक और सुरक्षा हितों की गारंटीकृत सुरक्षा के लिए सैन्य शक्ति की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही अंतर-मंत्रालयी समन्वय, नागरिक और सैन्य संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल और जटिल सुरक्षा चुनौतियों के समन्वित राष्ट्रीय समाधान के लिए राष्ट्रव्यापी दृष्टिकोण पर बल दिया।
मंत्रालय ने बताया कि सेना ने भविष्य के लिए तैयार बल के रूप में विकसित होने की दृष्टि से 2026 को नेटवर्किंग और डेटा केंद्रित वर्ष घोषित किया है।