फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की पहचान में सहायता के लिए डीएनए के नमूनों का विश्लेषण शुरू कर दिया है। भारतीय दूतावास ने बताया है कि दल ने काठमांडू घाटी के खुमलटार क्षेत्र में स्थित नेपाल पुलिस की केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में विश्लेषण कार्य शुरू किया।
भारतीय विशेषज्ञ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से एकत्र किए गए डीएनए नमूनों के प्रसंस्करण में तेजी लाने और पीड़ितों और लापता व्यक्तियों की पहचान स्थापित करने में मदद के लिए वहां के विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
हाल ही में आई बाढ़ के बाद नेपाल को सहायता प्रदान करने के लिए चल रहे प्रयासों के भाग के रूप में भारतीय फोरेंसिक दल को वहां तैनात किया गया है। नेपाल में आई बाढ़ में जानमाल का भारी नुकसान हुआ और बडी संख्या में लोग लापता हो गए। नेपाल पुलिस ने बताया कि कल शाम तक 1,068 शव बरामद किए गए, जिनमें से 400 शवों के केवल आंशिक अवशेष ही मिले, जिससे पहचान प्रक्रिया जटिल हो गई।
पिछले सप्ताह आई भीषण बाढ़ के बाद मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए अधिकारियों ने भविष्य में पहचान के प्रयासों में सहायता के लिए कई लावारिस शवों से डीएनए नमूने एकत्र किए हैं। चितवन जिले में अब तक सबसे अधिक शव बरामद हुए हैं। पहचान के लिए डीएनए नमूने एकत्र करने के बाद अधिकारियों ने नदी किनारों पर खुले स्थानों में सैकड़ों शवों को दफना दिया है। नेपाल पुलिस के अनुसार, 583 विदेशी नागरिकों सहित 4,606 लोग अभी भी लापता हैं, जिससे मृतकों की संख्या में और वृद्धि होने की आशंका है।
अधिकारियों ने कहा कि रसुवा और नुवाकोट जिलों में भोटेकोशी और त्रिशुली नदी गलियारों के किनारे स्थित विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में लापता लोगों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ मिलकर हाल ही में आई बाढ़ से प्रभावित लोगों की पहचान में सहायता के लिए डीएनए के नमूनों का विश्लेषण शुरू कर दिया है।
भारतीय दूतावास ने बताया है कि दल ने काठमांडू घाटी के खुमलटार क्षेत्र में स्थित नेपाल पुलिस की केंद्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला और राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में विश्लेषण कार्य शुरू किया।
भारतीय विशेषज्ञ बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से एकत्र किए गए डीएनए नमूनों के प्रसंस्करण में तेजी लाने और पीड़ितों और लापता व्यक्तियों की पहचान स्थापित करने में मदद के लिए वहां के विशेषज्ञों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
हाल ही में आई बाढ़ के बाद नेपाल को सहायता प्रदान करने के लिए चल रहे प्रयासों के भाग के रूप में भारतीय फोरेंसिक दल को वहां तैनात किया गया है। नेपाल में आई बाढ़ में जानमाल का भारी नुकसान हुआ और बडी संख्या में लोग लापता हो गए। नेपाल पुलिस ने बताया कि कल शाम तक 1,068 शव बरामद किए गए, जिनमें से 400 शवों के केवल आंशिक अवशेष ही मिले, जिससे पहचान प्रक्रिया जटिल हो गई।
पिछले सप्ताह आई भीषण बाढ़ के बाद मृतकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इसलिए अधिकारियों ने भविष्य में पहचान के प्रयासों में सहायता के लिए कई लावारिस शवों से डीएनए नमूने एकत्र किए हैं। चितवन जिले में अब तक सबसे अधिक शव बरामद हुए हैं। पहचान के लिए डीएनए नमूने एकत्र करने के बाद अधिकारियों ने नदी किनारों पर खुले स्थानों में सैकड़ों शवों को दफना दिया है।
नेपाल पुलिस के अनुसार, 583 विदेशी नागरिकों सहित 4,606 लोग अभी भी लापता हैं, जिससे मृतकों की संख्या में और वृद्धि होने की आशंका है। अधिकारियों ने कहा कि रसुवा और नुवाकोट जिलों में भोटेकोशी और त्रिशुली नदी गलियारों के किनारे स्थित विभिन्न जलविद्युत परियोजनाओं में लापता लोगों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।