देश के माल और सेवाओं सहित निर्यात में इस वर्ष जुलाई में 13.3 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई और यह 80 अरब 14 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। पिछले वर्ष इसी माह में देश का निर्यात 70 अरब 72 करोड़ डॉलर था।
वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी अनंतिम आंकड़ों के अनुसार, निर्यात प्रदर्शन में माल की शिपमेंट का योगदान रहा। यह पिछले वर्ष इसी माह के 36 अरब 98 करोड़ डॉलर से बढ़कर 44 अरब डॉलर से अधिक हो गया। इसमें 19 दशमलव 6 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। माल निर्यात में वृद्धि पेट्रोलियम उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक सामान, इंजीनियरिंग सामान, जैविक और अजैविक रसायन, सूती धागे और हथकरघा उत्पादों के कारण हुई। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से जुलाई अवधि के दौरान माल निर्यात 173 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है। यह वार्षिक आधार पर 17 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
सेवा निर्यात पिछले माह के दौरान 35 अरब 89 करोड़ डॉलर होने का अनुमान है, जबकि एक वर्ष पहले यह 33 अरब 74 करोड़ डॉलर था। अप्रैल-जुलाई 2026-27 के दौरान सेवाओं का निर्यात 142 अरब 64 करोड़ डॉलर रहने का अनुमान है, जबकि 2025-26 की इसी अवधि में यह 131 अरब 15 करोड़ डॉलर था।
कुल आयात में भी इस वर्ष जुलाई में 15 दशमलव आठ-तीन प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह पिछले वर्ष की इसी अवधि के 82 अरब 16 करोड़ डॉलर से बढ़कर 95 अरब 16 करोड़ डॉलर हो गया। चार महीने की अवधि के दौरान कुल आयात में 17 दशमलव दो-आठ प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 365 अरब 85 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया, जबकि एक वर्ष पहले यह 311 अरब 94 करोड़ डॉलर था।