केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल की में कांग्रेस की राजनीतिक रैलियों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह रैलियां मतदाता जागरूकता के वास्तविक प्रयासों के बजाय अवैध घुसपैठियों को संरक्षण देने का अभियान है। हैदराबाद में भाजपा की महा पदयात्रा के तहत आयोजित विशाल जनसभा में श्री शाह ने कहा कि राहुल गांधी और मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के प्रयासों के बावजूद घुसपैठियों को मतदान का अधिकार नहीं दिया जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि क्या फर्जी मतदाता, दिवंगत मतदाता और बाहरी लोगों के नाम मतदाता सूची में होने चाहिए। श्री शाह ने मतदाता सूची की जांच की वर्तमान प्रक्रिया को सही ठहराया।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों-ईवीएम संबंधी आरोपों के जवाब में श्री शाह ने इन दोनों विषयों पर हैदराबाद से खुली बहस की सीधी चुनौती दी। उन्होंने केंद्र में सत्तारूढ़ दल पर अपने पक्ष में चुनाव प्रणाली को प्रभावित करने के दावों को खारिज करते हुए पूछा कि ऐसा था तो कांग्रेस तेलंगाना में सत्ता में कैसे आई। उन्होंने कहा कि केरलम् और तमिलनाडु जैसे राज्यों में भी ईवीएम के जरिए चुनाव से गैर भाजपा दल सत्ता में आए। श्री शाह ने कहा कि भाजपा ने 2014 और 2019 में एसआईआर से पहले ही सत्ता हासिल की थी। इससे पार्टी के लिए बढ़ते राष्ट्रव्यापी जनसमर्थन का पता चलता है।