विश्व नेताओं और विभिन्न देशों के राजनयिक मिशनों ने आज 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत की लोकतांत्रिक यात्रा, समृद्ध सभ्यतागत विरासत और क्षेत्रीय तथा वैश्विक सहयोग में बढ़ती भूमिका की सराहना की।
अमरीका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत और अमरीका के बीच मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख किया। सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन षणमुगरत्नम ने कौशल विकास, डिजिटल तकनीक, सतत विकास और उन्नत विनिर्माण के क्षेत्रों में बढ़ते सहयोग का जिक्र किया।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी भारत को 80वें स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत की जनता को बधाई दी। उन्होंने अपना संदेश हिंदी में भी साझा किया।
नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने भारत को शुभकामनाएं दीं। लातविया के विदेश मंत्रालय ने भारत की निरंतर प्रगति, एकता और समृद्धि की कामना की।
इस्राएल के राजदूत रुवेन अजार, अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कौसिनो, श्रीलंका की उच्चायुक्त महिशिनी कोलोन्ने, नेपाल और फ्रांस के दूतावास तथा ऑस्ट्रेलिया उप उच्चायुक्त और कनाडा के उच्चायोग ने भी भारत को शुभकामनाएं दीं। उनके संदेशों में भारत की विरासत और विविधता, आर्थिक क्षमता तथा बढ़ते द्विपक्षीय संबंधों को रेखांकित किया गया।
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने भी भारत को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आजादी के आठ दशक भारत की आकांक्षाओं, दृढ़ता और अटूट भावना को दर्शाते हैं। मालदीव के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम मोहम्मद सोलिह और मालदीव नेशनल पार्टी के अध्यक्ष मोहम्मद नाज़िम ने भी भारत के विकास और मालदीव के साथ उसके घनिष्ठ संबंधों की सराहना की।
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने और 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प में युवाओं की आकांक्षाओं तथा योगदान को भी प्रमुखता दी गई।