जून 1, 2026 1:07 अपराह्न

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होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सैन्य हमले से पश्चिम एशिया संकट बढ़ा

अमरीका और ईरान के बीच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सैन्य हमले के कारण दोनों देशों के बीच पश्चिम-एशिया संकट बढ़ गया है। अमरीकी केंद्रीय कमान ने पुष्टि की है कि उसने गोरुक और क़ेशम द्वीप पर स्थित ईरानी रडार और ड्रोन कमांड-एंड-कंट्रोल साइटों पर आत्मरक्षा में हमले किए। कमान ने कहा कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में संचालित हो रहे एक अमरीकी एम.क्‍यू-9 ड्रोन को ईरान द्वारा नष्‍ट किए जाने के जवाब में की गई थी। इस बीच, ईरान के विशिष्ट इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने घोषणा की कि उसने हमले का जवाब दिया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने दावा है कि इसका इस्तेमाल उसके सिरिक द्वीप पर एक दूरसंचार टावर पर हमले के लिए किया गया था। हालांकि, ईरान ने अड्डे के स्थान या हमले के परिणाम का खुलासा नहीं किया।

क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए, कुवैत की सेना ने देश की ओर आ रही मिसाइलों और ड्रोनों का पता लगाने के बाद अपनी हवाई रक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया। कुवैती सेना ने एक्‍स पर जारी एक बयान में कहा कि उसकी रक्षा प्रणालियां खतरों को रोक रही हैं। कुवैत पर हुए हमलों की जिम्मेदारी किसी भी समूह ने नहीं ली है और हताहतों या नुकसान के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं है। एहतियात के तौर पर विमानों को कुवैत के हवाई क्षेत्र में जाने के लिए मना किया गया है।

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