आर्मेनिया में संसदीय चुनावों के लिए मतदान जारी है, जिसमें सत्ताधारी सरकार पश्चिम देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने और रूस पर अपनी निर्भरता कम करने के लिए जनादेश प्राप्त करना चाहती है। प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान और उनकी सत्तारूढ़ सिविल कॉन्ट्रैक्ट पार्टी ने इसी मुद्दे पर चुनाव प्रचार किया। उधर, कई विपक्षी पार्टियां रूस के साथ घनिष्ठ संबंधों का समर्थन करती हैं।
वर्ष 2018 में सत्ता संभालने के बाद से, श्री पाशिन्यान ने आर्मेनिया को यूरोपीय संघ के करीब लाये और अमरीका की मध्यस्थता से हुए समझौते के माध्यम से पड़ोसी देश अजरबैजान के साथ शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।
श्री पाशिन्यान ने वोट डालने के बाद कहा कि यूरोपीय संघ लोकतांत्रिक सुधारों में आर्मेनिया का प्रमुख भागीदार बना हुआ है और उन्होंने इस पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने यह भी कहा कि रूस के साथ संबंध आपसी सम्मान और संस्थागत सहयोग पर आधारित हैं।