अमरीकी युद्ध सेकेट्री पीट हेगसेथ ने ईरान को चेतावनी दी है कि जब तक वह शांति समझौते पर सहमत नहीं हो जाता, तब तक उसके बंदरगाहों की नाकाबंदी और आर्थिक दबाव जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि ऐसा न करने पर बुनियादी ढांचे और ऊर्जा सुविधाओं पर हमले हो सकते हैं। आज पेंटागन में संवाददाता सम्मेलन में श्री हेगसेथ ने कहा कि ईरान को अंततः बातचीत की मेज पर आना होगा और एक समझौता करना होगा। उन्होंने कहा कि अमरीका यह सुनिश्चित करेगा कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार न हों। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ईरानी सरकार एक ऐसे समझौते को चुनेगी जो उनके लिए संभव हो और उनके लोगों तथा दुनिया के भले के लिए हो। ईरान ने बार-बार जोर देकर कहा है कि वह परमाणु हथियार नहीं चाहता और उसका कार्यक्रम शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए है।
युद्ध सेकेट्री ने कहा कि चीन ने अमरीका को आश्वासन दिया है कि वह ईरान को हथियार नहीं देगा। उन्होंने कहा कि अमरीकी नौसेना ईरान के खिलाफ नाकाबंदी लागू करने के लिए अपनी नौसैनिक शक्ति के 10 प्रतिशत से भी कम का उपयोग कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमरीका ने पूर्ण समुद्री वर्चस्व स्थापित कर लिया है और ईरान की शेष सैन्य संपत्तियों की हर गतिविधि पर नजर रख रहा है।
इस बीच, इस्राएल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज़ ने आज ईरान को चेतावनी दी है कि वह परमाणु शस्त्रों के त्याग पर केंद्रित अमरीकी प्रस्ताव को अस्वीकार न करे। उन्होंने ऐसा करने पर नए लक्ष्यों पर और भी भीषण हमले करने की धमकी दी है।