अमरीका की एक संघीय अदालत ने एच-1बी वीज़ा आवेदनों पर लगाए गए एक लाख अमरीकी डॉलर के शुल्क को अवैध करार दिया है। यह शुल्क राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के आदेश के तहत प्रस्तावित किया गया था। अदालत ने कहा कि कांग्रेस की मंजूरी के बिना ऐसा शुल्क नहीं लगाया जा सकता। अमरीका में भारतीय मूल के कई संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे एच-1बी वीज़ा से जुड़े लोगों को राहत मिलेगी और व्यवस्था में स्पष्टता बनी रहेगी। एच-1बी वीज़ा के जरिए अमरीकी कंपनियां दुनिया भर के कुशल पेशेवरों को नौकरी देती हैं।
News On AIR | जून 9, 2026 6:21 पूर्वाह्न
अमरीकी संघीय अदालत ने एच-1बी वीज़ा आवेदनों पर एक लाख डॉलर का शुल्क अवैध ठहराया