सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि किसानों को न केवल अन्नदाता के रूप में, बल्कि ऊर्जा दाता के रूप में भी सशक्त बनाया जाना चाहिए। उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित ‘पृथ्वी बचाओ सम्मेलन’ के दूसरे संस्करण को संबोधित करते हुए पुनर्चक्रण और जैव-ऊर्जा उत्पादन के माध्यम से कचरे को धन में बदलने के महत्व पर बल दिया। जल संरक्षण पर जोर देते हुए श्री गडकरी ने कहा कि नदी-जोड़ों परियोजनाओं सहित जल संसाधनों का उचित प्रबंधन बाढ़ और सूखा दोनों से निपटने में सहायक हो सकता है। उन्होंने प्रदूषण कम करने और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए इथेनॉल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे हरित तथा वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
श्री गडकरी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण का क्षरण मानव जीवन के लिए गंभीर चुनौतियां पेश करते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पृथ्वी की रक्षा के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। श्री गडकरी ने रेखांकित किया कि जलवायु परिवर्तन से लड़ना सरकार के मुख्य एजेंडों में से एक है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए व्यावहारिक समाधान और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।